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पन्ना में खाद संकट पर किसानों का आक्रोश, तिलक राज पटेल ने सरकार को दिया दो दिन का अल्टीमेटम  ई-टोकन और सर्वर की समस्या से परेशान किसानों ने अमानगंज में किया प्रदर्शन, चक्काजाम का प्रयास कर तहसीलदार को सौंपा ज्ञाप

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पन्ना में खाद संकट पर किसानों का आक्रोश, तिलक राज पटेल ने सरकार को दिया दो दिन का अल्टीमेटम

 ई-टोकन और सर्वर की समस्या से परेशान किसानों ने अमानगंज में किया प्रदर्शन, चक्काजाम का प्रयास कर तहसीलदार को सौंपा ज्ञाप

पन्ना, मध्य प्रदेश। खेतों में फसल तैयार करने की चिंता और खाद के लिए ई-टोकन की जद्दोजहद ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खाद वितरण व्यवस्था से नाराज किसानों ने गुरुवार को अमानगंज में समाजसेवी तिलक राज पटेल के नेतृत्व में प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। आक्रोशित किसानों ने अमानगंज-किशनगढ़ मुख्य मार्ग पर चक्काजाम करने का प्रयास किया। सूचना मिलने पर अमानगंज पुलिस और तहसीलदार मौके पर पहुंचे तथा किसानों को समझाइश दी।

किसानों का आरोप है कि खाद उपलब्ध होने के बावजूद ई-टोकन व्यवस्था और सर्वर की समस्या के कारण उन्हें समय पर खाद नहीं मिल पा रही है। खेती के महत्वपूर्ण समय में किसान खेतों में काम करने के बजाय मोबाइल पर टोकन बुक करने और सर्वर चालू होने का इंतजार करने को मजबूर हैं। इससे किसानों का समय बर्बाद हो रहा है और उनकी परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं।

 ई-टोकन व्यवस्था पर उठाए सवाल, 12 घंटे बुकिंग की मांग

प्रदर्शन के दौरान तिलक राज पटेल ने सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि किसानों को खाद उपलब्ध कराना है, तो ई-टोकन व्यवस्था को सरल और सुविधाजनक बनाया जाए। उन्होंने मांग की कि टोकन बुकिंग का समय एक घंटे से बढ़ाकर कम से कम 12 घंटे किया जाए, ताकि किसान अपनी सुविधानुसार टोकन बुक कर सकें और समय पर खाद प्राप्त कर सकें।

तिलक राज पटेल ने कहा कि किसान पहले से ही खेती की लागत और फसल की चिंता से परेशान हैं। ऐसे में खाद के लिए बार-बार टोकन बुक करने और सर्वर की समस्या से जूझना किसानों के साथ अतिरिक्त परेशानी है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि दो दिन के भीतर किसानों की समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

 किसान बोले—खेती करें या टोकन के लिए चक्कर काटें?

प्रदर्शन के दौरान किसान राम प्रकाश पटेल ने भी खाद वितरण व्यवस्था पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि किसान खेती करे, ट्रैक्टर चलाए या फिर खाद के टोकन के लिए चक्कर काटता रहे? खाद प्राप्त करने में ही किसानों का कीमती समय बर्बाद हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि खाद वितरण की प्रक्रिया सुचारु बनाई जाए, जिससे किसानों को समय पर खाद मिल सके और उन्हें परेशानियों का सामना न करना पड़े।

 22 दिनों से परेशान किसान, अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान

किसानों का आरोप है कि पिछले 22 दिनों से ई-टोकन बुकिंग में सर्वर संबंधी समस्याओं के कारण उन्हें लगातार परेशानी उठानी पड़ रही है। किसानों ने प्रशासन के सामने कई प्रमुख मांगें रखीं, जिनमें टोकन बुकिंग का समय 12 घंटे करने, जरूरत पड़ने पर बिना टोकन खाद वितरण की व्यवस्था बनाने, खाद के स्टॉक की ऑनलाइन जानकारी दर्ज नहीं करने वाले संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करने और खाद की कालाबाजारी पर रोक लगाने की मांग शामिल है।

### कलेक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन, दो दिन में समाधान नहीं तो आंदोलन तेज

प्रदर्शन के दौरान किसानों ने कलेक्टर पन्ना के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर खाद वितरण की समस्या का शीघ्र निराकरण करने की मांग की। साथ ही प्रशासन को दो दिन का अल्टीमेटम दिया।

किसानों ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय में उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो वे दोबारा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। अब देखना होगा कि प्रशासन किसानों की मांगों पर कितनी जल्दी कार्रवाई करता है और ई-टोकन व्यवस्था की खामियों को दूर कर किसानों को राहत दिलाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

फिलहाल अमानगंज में खाद का मुद्दा गरमा गया है और किसानों की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

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