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प्रशासनिक धमाका: स्वास्थ्य अधिकारी संजय सोनी को मनमानी, लापरवाही और हठधर्मिता पड़ी भारी, आयुक्त ने बैठाई विभागीय जांच

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प्रशासनिक धमाका: स्वास्थ्य अधिकारी संजय सोनी को मनमानी, लापरवाही और हठधर्मिता पड़ी भारी, आयुक्त ने बैठाई विभागीय जांच
कटनी। नगरपालिक निगम कटनी में लंबे समय से स्वास्थ्य व्यवस्था को धता बताकर बैठे स्वास्थ्य अधिकारी संजय सोनी के खिलाफ आखिरकार गाज गिर ही गई। नगर निगम आयुक्त तपस्या परिहार (IAS) ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्वास्थ्य अधिकारी की निरंतर लापरवाही, उदासीनता और आदेशों की अवहेलना पर कड़ा प्रहार किया है। विभागीय कार्यप्रणाली को पटरी से उतारने और निगम की छवि धूमिल करने के आरोपों में संजय सोनी के खिलाफ मध्य प्रदेश सिविल सेवा नियमों के तहत सीधी विभागीय जांच (DE) ठोक दी गई है।

लापरवाही का चिट्ठा: इन गंभीर आरोपों से घिरे स्वास्थ्य अधिकारी
सड़कों पर यमदूत बने मवेशी: शहर की सड़कों को आवारा मवेशियों के हवाले छोड़ दिया गया। चाका के पास 11 जुलाई को मवेशियों के कारण हुई कार दुर्घटना के बाद भी कांजी हाउस और गौशालाओं के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई, कोई ठोस कार्ययोजना नहीं बनी।
गंदगी का अंबार और लचर रवैया: शहर भर के वार्डों में कचरे का ढेर लगा रहा, लेकिन स्वास्थ्य अधिकारी को कोई सरोकार नहीं रहा। गंदगी फैलाने वालों पर कार्रवाई करने के बजाय मातहत कर्मचारियों पर से नियंत्रण पूरी तरह खो दिया।
श्वानों और बंदरों का आतंक, ठप हुई व्यवस्था: एबीसी सेंटर के समन्वय में नाकामी के कारण एनजीओ काम छोड़कर भाग गया और नागरिक आवारा कुत्तों के खौफ में जीने को मजबूर हुए। वहीं बंदरों को पकड़ने के नाम पर मथुरा की टीम बुलाकर महज़ औपचारिक नौटंकी की गई।
वेतन घोटाला और फर्जी हाजिरी: बायोमेट्रिक (AEBAS) उपस्थिति में घपलेबाजी और कर्मचारियों की गैरमौजूदगी के बावजूद बिना जांच-परख के वेतन भुगतान की सिफारिश कर दी गई। इस घोर वित्तीय अनियमितता के उजागर होने और आईडी ब्लॉक होने पर कर्मचारियों ने दो दिन की अनधिकृत हड़ताल की, जिससे पूरा शहर कचराघर बन गया।
 सीएम हेल्पलाइन में कटवाए नंबर: जून 2026 में 19 शिकायतों को अटकाकर (नॉन-अटेंड) रखा गया, जिसके चलते जुलाई की रैंकिंग में निकाय की जमकर फजीहत हुई और अंक कट गए।

4 बार के नोटिस को दिखाया ठेंगा, अब 15 दिन में देनी होगी सफाई
मई से अगस्त 2026 के बीच चार-चार कारण बताओ नोटिस जारी होने के बावजूद स्वास्थ्य अधिकारी की सेहत पर कोई असर नहीं पड़ा और वे अपनी मनमानी पर अड़े रहे। अब आयुक्त ने कड़ा संदेश देते हुए उपायुक्त प्रियंका झरिया को जांच अधिकारी और सहायक विधि अधिकारी वरूणेश मिश्रा को प्रस्तुतकर्ता अधिकारी नियुक्त कर दिया है। 15 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं, जिसके बाद कड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है।

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