कटनी नगर निगम में बड़ा एक्शन: स्वास्थ्य अधिकारी संजय सोनी निलंबित, निगमायुक्त तपस्या परिहार ने दिखाई सख्ती
अमीरगंज गौशाला की बदहाल व्यवस्थाओं से लेकर सफाई और आवारा पशुओं के नियंत्रण में लापरवाही के आरोपों पर कार्रवाई, स्वच्छता निरीक्षक निशांत कनोजिया को सौंपा गया प्रभार
कटनी। नगर निगम की व्यवस्थाओं में लापरवाही और बार-बार निर्देशों की अनदेखी अब जिम्मेदार अधिकारियों पर भारी पड़ने लगी है। निगमायुक्त तपस्या परिहार ने सख्त रुख अपनाते हुए स्वास्थ्य अधिकारी संजय कुमार सोनी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। अमीरगंज गौशाला की व्यवस्थाओं, शहर की साफ-सफाई, आवारा मवेशियों के नियंत्रण और विभागीय कार्यों में अपेक्षित सुधार नहीं होने के चलते यह कार्रवाई की गई है।
गौशाला की व्यवस्था से लेकर सफाई तक पर उठे सवाल
अमीरगंज गौशाला में पशुओं की स्थिति, चारा-पानी, उपचार और साफ-सफाई को लेकर सामने आई शिकायतों एवं समाचारों के बाद स्वास्थ्य अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा गया था। निगमायुक्त ने प्रस्तुत जवाब को असंतोषजनक मानते हुए कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही और उदासीनता को गंभीरता से लिया।
इसके अलावा, विभागीय कर्मचारियों के वेतन देयकों को बिना समुचित परीक्षण अनुशंसित करने, अधीनस्थ श्रमिकों के वेतन भुगतान में देरी और टीएल सहित विभागीय समीक्षा बैठकों में आवश्यक जानकारी के साथ उपस्थित नहीं होने जैसे मामलों को भी कार्रवाई का आधार बनाया गया।
आवारा मवेशियों और शहर की सफाई व्यवस्था पर भी नाराजगी
निगमायुक्त की कार्रवाई के पीछे आवारा मवेशियों के नियंत्रण, कांजी हाउस की व्यवस्था, वार्डों की सफाई, आवारा कुत्तों की रोकथाम, बंदरों को पकड़ने और सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में अपेक्षित सुधार नहीं होना भी प्रमुख कारण बताया गया है।
आदेश के अनुसार, संबंधित अधिकारी को पहले भी कई बार कारण बताओ सूचना-पत्र जारी किए गए थे। इसके बावजूद कार्यप्रणाली में सुधार नहीं होने पर मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के उल्लंघन के मामले में निलंबन की कार्रवाई की गई।
माधवनगर उपकार्यालय में किया गया संबद्ध
निलंबन अवधि के दौरान संजय कुमार सोनी को नगर निगम के जोन क्रमांक-4 स्थित माधवनगर उपकार्यालय में संबद्ध किया गया है। नियमानुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। वहीं, आगामी आदेश तक स्वास्थ्य अधिकारी का प्रभार स्वच्छता निरीक्षक निशांत कनोजिया को सौंपा गया है।
निगमायुक्त के एक्शन से विभाग में जवाबदेही का संदेश
निगमायुक्त तपस्या परिहार की इस कार्रवाई को नगर निगम की व्यवस्थाओं में जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। शहर की सफाई, गौशाला की व्यवस्थाओं और आवारा पशुओं की समस्या जैसे सीधे नागरिकों से जुड़े मुद्दों पर अब प्रशासन का सख्त रुख सामने आया है।
संदेश साफ है—नगर निगम के कार्यों में लापरवाही और बार-बार निर्देशों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों को जवाबदेही से बचना आसान नहीं होगा।

