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यूपी:प्रदेश के सभी एक्सप्रेसवे के लिए बनेगा एक कॉमन कमांड सेंटर, एक हेल्पलाइन नंबर से मिलेगी हर तरह की मदद

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 उत्तर प्रदेश के एक्सप्रेसवे पर सफर करने वालों को हादसे, वाहन खराब होने या अन्य आपात स्थिति में मदद के लिए अलग-अलग तंत्र से संपर्क नहीं करना पड़ेगा। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) सभी एक्सप्रेसवे के लिए एक इंटीग्रेटेड कमांड एवं कंट्रोल सेंटर बनाएगा। इसका सीधा लाभ एक्सप्रेसवे यात्रियों को मिलेगा।

इसके लिए मौजूदा आपातकालीन हेल्पलाइन 14449 को कमांड सेंटर से जोड़ा जाएगा। 14449 पर आने वाली कॉल की जानकारी, यात्री की स्थिति और घटना की गंभीरता दर्ज की जाएगी। इसके बाद संबंधित स्थानीय नियंत्रण कक्ष, एंबुलेंस, गश्ती वाहन, क्रेन, पुलिस या दमकल सेवा को तत्काल भेजने की प्रक्रिया एक ही प्लेटफॉर्म से संचालित होगी। सूचना मिलने, उसे दर्ज करने, सत्यापित करने, संबंधित एजेंसी को भेजने और मौके पर सहायता पहुंचने तक पूरी प्रक्रिया का रिकॉर्ड रखा जाएगा। इस हाईटेक व्यवस्था को छह महीने में लागू करने का लक्ष्य है।

कैमरे बताएंगे जाम, हादसे और गलत दिशा में चलने वाले वाहन

यूपीडा के मुताबिक कमांड सेंटर में एक्सप्रेसवे से मिलने वाली यातायात और निगरानी संबंधी सूचनाएं एक जगह दिखाई देंगी। उपलब्ध सीसीटीवी कैमरों से यातायात की स्थिति, जाम, वाहनों की गति, रुके वाहन, गलत दिशा में चलने वाले वाहन, हादसे और अन्य घटनाओं की जानकारी मिल सकेगी। एएनपीआर, गति मापने वाली प्रणालियों, मौसम और दृश्यता सेंसर से मिलने वाली सूचनाओं को भी इसमें जोड़ा जा सकेगा।

हादसे या आपात स्थिति की सूचना मिलने के बाद उसकी पूरी प्रक्रिया पर नजर रखी जाएगी। एंबुलेंस, गश्ती वाहन और क्रेन जैसे संसाधनों की उपलब्धता और स्थिति जीपीएस के आधार पर देखी जा सकेगी। इससे केवल सूचना लेने के बजाय सहायता पहुंचने तक की कार्रवाई की निगरानी संभव होगी।

14449 पर रखा जाएगा हर कॉल का रिकॉर्ड

कमांड सेंटर में 14449 पर आने वाली, उठाई गई, छूटी और दोबारा आने वाली कॉल का रिकॉर्ड भी रखा जाएगा। कॉल करने वाले की जानकारी, एक्सप्रेसवे, स्थान, दिशा और घटना की श्रेणी दर्ज होगी। प्रत्येक मामले के निस्तारण तक उसकी स्थिति दर्ज रहेगी। इससे यह पता चल सकेगा कि किसी घटना पर कितनी देर में प्रतिक्रिया दी गई। सूत्र के मुताबिक अभी एक्सप्रेसवे से जुड़ी यातायात, टोल, निगरानी और आपात प्रतिक्रिया की सूचनाएं अलग-अलग व्यवस्थाओं और स्थानों पर उपलब्ध हैं। प्रस्तावित साझा कमांड सेंटर इन सभी सूचनाओं और व्यवस्थाओं को एक जगह लाएगा।

 

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