पवई के जगदीश स्वामी मंदिर में रामकथा की बहेगी रसधार, 23 से 27 अक्टूबर तक होगा श्रीरामचरितमानस सम्मेलन
अयोध्याधाम के पं. राजेंद्र पाठक और झांसी की विदुषी नीलम गायत्री जी करेंगे मानस के प्रसंगों की अमृतवर्षा, पांच दशक से अधिक पुरानी धार्मिक परंपरा का होगा निर्वहन
पवई, मध्य प्रदेश। भगवान श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा और भारतीय संस्कृति के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से पवई नगर के प्रसिद्ध जगदीश स्वामी मंदिर में पांच दिवसीय श्रीरामचरितमानस सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। श्रीरामचरितमानस समिति के तत्वावधान में 23 से 27 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले इस धार्मिक आयोजन में अयोध्याधाम से पधारे पं. राजेंद्र पाठक एवं झांसी की विदुषी नीलम गायत्री जी के श्रीमुख से रामकथा की अमृतवर्षा होगी।
इस सम्मेलन को लेकर धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है। आयोजन के माध्यम से श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम के जीवन चरित्र, आदर्शों, कर्तव्यों और मर्यादित जीवन की प्रेरणा प्राप्त होगी।
प्रतिदिन शाम 7 बजे से रात 10:30 बजे तक होंगे प्रवचन
पांच दिवसीय श्रीरामचरितमानस सम्मेलन के दौरान प्रतिदिन शाम 7 बजे से रात 10:30 बजे तक रामचरितमानस पर आधारित प्रवचन एवं व्याख्यान आयोजित किए जाएंगे। कथा वाचक मानस के विभिन्न प्रसंगों की व्याख्या करते हुए भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, पारिवारिक संस्कारों, कर्तव्यनिष्ठा और सामाजिक सद्भाव के महत्व को रेखांकित करेंगे।
रामचरितमानस में समाहित भक्ति, त्याग, प्रेम, सेवा, नैतिकता और लोककल्याण के संदेशों के माध्यम से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी जाएगी।
पांच दशक से अधिक समय से कायम है रामकथा की परंपरा
पवई नगर में श्रीरामचरितमानस सम्मेलन की परंपरा पांच दशक से अधिक समय से निरंतर चली आ रही है। यह आयोजन केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, सनातन परंपराओं और पारिवारिक संस्कारों के संरक्षण का महत्वपूर्ण माध्यम भी है।
वर्षों से मानस के मर्मज्ञों, विद्वानों और संतों के प्रवचनों के जरिए नगरवासियों को भगवान श्रीराम के आदर्शों से जोड़ने का प्रयास किया जाता रहा है। इस परंपरा को आगे बढ़ाने में नगर के जागरूक नागरिकों, बुद्धिजीवियों और युवाओं की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
मानस समिति ने धर्मप्रेमी परिवारों से की अपील
आयोजन की जानकारी देते हुए श्रीरामचरितमानस समिति के अध्यक्ष बृजेश कुमार नगायच ने बताया कि पांच दिवसीय सम्मेलन में पवई नगर सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। उन्होंने समस्त धर्मप्रेमी बंधुओं एवं परिवारों से कार्यक्रम में पहुंचकर रामकथा का श्रवण करने और आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने की अपील की है।
जगदीश स्वामी मंदिर में आयोजित होने वाला यह सम्मेलन श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम के आदर्शों को आत्मसात करने और भारतीय संस्कृति की गौरवशाली परंपरा से जुड़ने का अवसर प्रदान करेगा।

