पन्ना पुलिस की बड़ी कार्रवाई: बागेश्वर धाम की सनातन रथ यात्रा में चोरी करने वाला अंतरराज्यीय बावरिया गैंग बेनकाब, 10 आरोपी गिरफ्तार
11 लाख के सोने-चांदी के आभूषण, नकदी और तीन लग्जरी कारों सहित करीब 42 लाख रुपये का मशरूका जब्त, गिरोह में 5 महिलाएं और 5 पुरुष शामिल
पन्ना। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की हिन्दू सनातन रथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ का फायदा उठाकर चोरी और चेन स्नैचिंग की वारदातों को अंजाम देने वाले कथित अंतरराज्यीय बावरिया गिरोह का पन्ना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। गिरफ्तार आरोपियों में पांच महिलाएं और पांच पुरुष शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सोने-चांदी के आभूषण, नकदी, मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई तीन लग्जरी कारों सहित करीब 42 लाख रुपये का मशरूका जब्त किया है।
भीड़ में घुल-मिलकर श्रद्धालुओं को बनाते थे निशाना
पुलिस के अनुसार, 12 अक्टूबर 2026 को पन्ना से रवाना हुई हिन्दू सनातन रथ यात्रा अमानगंज पहुंची थी। दोपहर करीब 3:15 बजे रथ यात्रा के अमानगंज पहुंचने के बाद स्टेडियम ग्राउंड में कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसके बाद लगभग 3:30 बजे यात्रा पवई की ओर रवाना हुई। यात्रा में हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल थे।
इसी दौरान भीड़ का फायदा उठाकर एक व्यक्ति की जेब से रुपये चोरी कर लिए गए। इसके अलावा अमित सोनी, जयप्रकाश चतुर्वेदी और संतोष सोनी की सोने की चेन तथा एक महिला का मंगलसूत्र भी झपट्टा मारकर चोरी किए जाने की शिकायत सामने आई। इसी तरह अन्य लोगों की जेब से भी रुपये चोरी होने की जानकारी पुलिस को मिली।
शिकायत के आधार पर थाना अमानगंज में भारतीय न्याय संहिता की धारा 304(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
CCTV फुटेज और साइबर सेल की मदद से खुला राज
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक पन्ना श्रीमती निवेदिता नायडू के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुश्री वंदना चौहान और एसडीओपी गुनौर श्री नवीद दुबे के मार्गदर्शन में विशेष पुलिस टीम गठित की गई। थाना प्रभारी अमानगंज निरीक्षक हेमंत नायक के नेतृत्व में पुलिस टीम और साइबर सेल ने घटनास्थल एवं आसपास के CCTV फुटेज खंगाले।
तकनीकी साक्ष्यों, आरोपियों की आवाजाही के रूट मैप और मुखबिर तंत्र से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए 10 आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
42 लाख का मशरूका जब्त, तीन लग्जरी कारें भी बरामद
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के कब्जे से बरामद सामग्री में शामिल हैं—
- सोने की 7 चेन, एक पांचाल, एक मंगलसूत्र और दो लॉकेट।
- चांदी की 5 चूड़ियां और एक कड़ा।
- 29,780 रुपये नकद।
- चार मोबाइल फोन, जिनकी कीमत करीब 50 हजार रुपये बताई गई है।
- सफेद रंग की ब्रेजा कार, कीमत करीब 10 लाख रुपये।
- स्विफ्ट कार, कीमत करीब 6 लाख रुपये।
- बिना नंबर की विक्टोरियस कार, कीमत करीब 14 लाख रुपये।
पुलिस ने जब्त मशरूके की कुल कीमत करीब 42 लाख रुपये बताई है।
धार्मिक आयोजनों और मेलों को बनाते थे निशाना
पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से भीड़भाड़ वाले आयोजनों, धार्मिक यात्राओं, मेलों, बाजारों और सार्वजनिक कार्यक्रमों की जानकारी जुटाते थे। इसके बाद गिरोह के सदस्य समूह बनाकर भीड़ में शामिल हो जाते और कथित तौर पर योजनाबद्ध तरीके से लोगों की जेब से रुपये तथा महिलाओं के सोने-चांदी के आभूषण चोरी करते थे।
राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से जुड़े आरोपी
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सुनीता बावरिया, पुष्पा तोमर, सुनील बबली, नीरज श्रीवास्तव, आरती खटीक, जोनी बावरिया, पपीता बाई राजपूत, मोनू सिंह, लीला राम यादव और उर्मिला बावरिया शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों के निवासी हैं।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी अमानगंज निरीक्षक हेमंत नायक सहित थाना अमानगंज के पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों, अन्य थानों के पुलिसकर्मियों और साइबर सेल पन्ना की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पन्ना पुलिस की इस कार्रवाई को धार्मिक आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़भाड़ वाले कार्यक्रमों में चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

