कल्दा वन धन विकास केंद्र पहुंचीं लघु वनोपज संघ की प्रबंध संचालक कमलिका मोहंता
आदिवासी महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण की सराहना, वनोपज उत्पादों में वैल्यू एडिशन और बेहतर मार्केटिंग पर जोर
पन्ना, मध्य प्रदेश। सेवा सेतु एवं जन विश्वास अभियान के अंतर्गत 3 अक्टूबर 2026 को भारतीय वन सेवा की वरिष्ठ अधिकारी एवं मध्य प्रदेश राज्य लघु वनोपज संघ की प्रबंध संचालक श्रीमती कमलिका मोहंता ने दक्षिण पन्ना वनमंडल के कल्दा स्थित वन धन विकास केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र से जुड़ी आदिवासी महिलाओं से संवाद कर उनके द्वारा किए जा रहे उत्पाद निर्माण, आजीविका एवं विपणन गतिविधियों की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान श्रीमती मोहंता ने महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे वनोपज आधारित उत्पादों का अवलोकन किया और स्थानीय संसाधनों से अधिक से अधिक मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार करने की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने महुआ लड्डू के साथ महुआ से मुरक्का जैसे अन्य उत्पाद विकसित करने का सुझाव दिया। वहीं कल्दा के शहद की प्राकृतिक एवं वन-आधारित पहचान को प्रमुखता देते हुए उसके बेहतर विपणन पर जोर दिया। उन्होंने चिरौंजी के प्रसंस्करण तथा छिलका पृथक्करण की प्रक्रिया का भी अवलोकन किया।
महिलाओं के प्रयासों की सराहना
श्रीमती मोहंता ने वन धन विकास केंद्र द्वारा आदिवासी समुदाय की आजीविका बढ़ाने तथा विशेष रूप से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्थानीय वनोपज को केवल कच्चे रूप में बेचने के बजाय उसके प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन से ग्रामीण परिवारों को बेहतर आर्थिक लाभ मिल सकता है।
कल्दा वन धन विकास केंद्र में स्थानीय आदिवासी समुदाय की सहभागिता से चिरौंजी, शहद और महुआ लड्डू जैसे वनोपज आधारित उत्पादों का प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और विपणन किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में केंद्र ने 21 लाख रुपये से अधिक का कारोबार किया है।
दुर्गम क्षेत्र में आजीविका का मजबूत आधार
दुर्गम वन क्षेत्र में संचालित यह केंद्र स्थानीय वनोपज को बाजार उपलब्ध कराने, आदिवासी परिवारों की आय बढ़ाने और महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में कार्य कर रहा है। निरीक्षण के दौरान उत्पादों की गुणवत्ता, नए उत्पादों के विकास और बाजार विस्तार की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
निरीक्षण के दौरान दक्षिण पन्ना वनमंडलाधिकारी अनुपम शर्मा, उपवनमंडलाधिकारी रचना शर्मा, वन परिक्षेत्राधिकारी कल्दा अजीत जाट, कार्यवाहक वनपाल पुष्पेंद्र सिंह, वन रक्षक सूर्यप्रताप बघेल, वन धन विकास केंद्र के सचिव जगबहादुर सिंह गोंड सहित स्थानीय वन अमला एवं केंद्र की महिला सदस्य उपस्थित रहीं।

