पवई के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं समाजसेवी पं. अरुण कुमार लटौरिया ‘भैयाजी’ के निधन से शोक की लहर
82 वर्ष की आयु में ली अंतिम सांस, करीब एक माह से चल रहा था जबलपुर में उपचार; अधिवक्ता, सामाजिक एवं राजनीतिक क्षेत्र में बनाई थी अलग पहचान
पन्ना/पवई। पवई के वरिष्ठ अधिवक्ता, समाजसेवी एवं प्रखर वक्ता पं. अरुण कुमार लटौरिया ‘भैयाजी’ का गत रात्रि 82 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे पिछले लगभग एक माह से अस्वस्थ चल रहे थे और जबलपुर में उनका उपचार जारी था। उनके निधन की खबर मिलते ही पवई सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
पं. अरुण कुमार लटौरिया लंबे समय से सामाजिक एवं राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय रहे। कांग्रेस के वरिष्ठ एवं प्रभावशाली नेताओं में उनकी पहचान रही। अपनी बेबाक अभिव्यक्ति, प्रभावशाली वाक्पटुता और ओजस्वी वक्तृत्व शैली के चलते उन्होंने क्षेत्र में विशिष्ट पहचान बनाई थी। सामाजिक एवं सार्वजनिक विषयों पर वे अपनी स्पष्ट और प्रभावी बात रखने के लिए जाने जाते थे।
शिक्षा और संस्कारों को दिया विशेष महत्व
पं. लटौरिया ने अपने जीवन में शिक्षा और संस्कारों को विशेष महत्व दिया। उन्होंने अपने बच्चों को उच्च शिक्षा एवं अच्छे संस्कार प्रदान किए। उनके बड़े पुत्र श्री शरद लटौरिया न्यायाधीश हैं, जबकि छोटे पुत्र श्री तरुण लटौरिया लोकसेवा केंद्र पवई के संचालक हैं। उनके दो पुत्र एवं तीन पुत्रियां हैं।
पं. अरुण कुमार लटौरिया अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके निधन से अधिवक्ता जगत के साथ-साथ सामाजिक एवं राजनीतिक क्षेत्र और पवई के नागरिकों में गहरा शोक व्याप्त है।
क्षेत्रवासियों ने पं. लटौरिया ‘भैयाजी’ के निधन को पवई के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए उनके व्यक्तित्व एवं सामाजिक योगदान को याद किया। परिजनों, शुभचिंतकों, अधिवक्ताओं और क्षेत्रवासियों ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना की।

