राजा परीक्षित के जन्म प्रसंग से भक्तिमय हुआ सब जेल पवई, संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा में उमड़ा श्रद्धा का भाव
कथा व्यास डॉ. रजनीश शास्त्री ने सुनाया राजा परीक्षित के जन्म का भावपूर्ण प्रसंग, बंदियों को दिया सद्कर्म और सकारात्मक जीवन का संदेश
पन्ना, मध्यप्रदेश। सब जेल पवई में चल रही सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के तृतीय दिवस राजा परीक्षित के जन्म का भावपूर्ण प्रसंग सुनाया गया। कथा व्यास डॉ. रजनीश शास्त्री जी ने कथा के माध्यम से ईश्वर की कृपा, धर्म, आस्था एवं सद्कर्म के महत्व पर प्रकाश डाला।
राजा परीक्षित के जन्म प्रसंग के दौरान सब जेल पवई का पूरा परिसर भक्ति और आध्यात्मिक भाव से सराबोर नजर आया। बंदियों एवं जेल स्टाफ ने श्रद्धापूर्वक कथा का श्रवण किया। कथा के भावपूर्ण प्रसंग ने उपस्थित श्रोताओं को भावविभोर कर दिया और उन्हें आत्मचिंतन के साथ सकारात्मक जीवन जीने की प्रेरणा मिली।
कथा व्यास ने राजा परीक्षित के जीवन प्रसंग के माध्यम से बताया कि मनुष्य के जीवन में धर्म, आस्था, सद्कर्म और ईश्वर के प्रति विश्वास का विशेष महत्व है। कथा के दौरान भजनों एवं संगीतमय प्रस्तुति ने वातावरण को और अधिक भक्तिमय बना दिया।
बंदियों को सकारात्मक जीवन की प्रेरणा देना उद्देश्य
जेलर अभिमन्यु पाण्डेय के मार्गदर्शन में आयोजित इस धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजन का उद्देश्य बंदियों को आध्यात्मिक एवं नैतिक मूल्यों से जोड़ना तथा उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन की भावना को प्रोत्साहित करना है।
कथा के दौरान पूरे सब जेल परिसर में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिकता का माहौल बना रहा। बंदियों ने भी कथा के प्रसंगों को एकाग्रता और श्रद्धाभाव के साथ सुना। जेल प्रशासन की इस पहल को बंदियों के मानसिक एवं आध्यात्मिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

