माखन चोरी से यशोदा के वात्सल्य तक, श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं में भाव-विभोर हुआ उपजेल परिसर
पन्ना/पवई। उपजेल पवई में जेल प्रशासन की विशेष पहल पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पंचम दिवस भगवान श्रीकृष्ण की मनोहारी बाल लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथा व्यास डॉ. रजनीश शास्त्री ने श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप, माखन चोरी, गोपियों के साथ उनकी बाल क्रीड़ाओं और माता यशोदा के वात्सल्य से जुड़े प्रसंगों को रोचक एवं भक्तिमय अंदाज में प्रस्तुत किया।
कथा के दौरान जैसे ही गोकुल की गलियों में नटखट कन्हैया की बाल लीलाओं का प्रसंग आया, उपजेल परिसर का वातावरण भक्तिमय हो उठा। माखन चोरी और बाल सखाओं के साथ श्रीकृष्ण की क्रीड़ाओं के साथ-साथ माता यशोदा के वात्सल्य का वर्णन सुनकर जेल स्टाफ एवं बंदी भाव-विभोर नजर आए।
कथा व्यास डॉ. रजनीश शास्त्री ने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं के माध्यम से प्रेम, करुणा, सरलता, धैर्य और सद्भाव जैसे सकारात्मक जीवन-मूल्यों का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन विपरीत परिस्थितियों में भी प्रेम और धैर्य के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
श्रीमद्भागवत कथा के आयोजन से उपजेल पवई का वातावरण लगातार आध्यात्मिक और भक्तिमय बना हुआ है। कथा में जेल स्टाफ के साथ बंदी भी श्रद्धा और उत्साह के साथ शामिल होकर भगवान की भक्ति में लीन हो रहे हैं।

