Home » कटनी » एमएलसी रिपोर्ट में कथित खेल! ऑडियो ने खोली पोल, ‘सही एक्स-रे होता तो आरोपी जेल चला जाता’

एमएलसी रिपोर्ट में कथित खेल! ऑडियो ने खोली पोल, ‘सही एक्स-रे होता तो आरोपी जेल चला जाता’

News Portal Development Companies In India

एमएलसी रिपोर्ट में कथित खेल! ऑडियो ने खोली पोल, ‘सही एक्स-रे होता तो आरोपी जेल चला जाता’

मदन तिवारी कटनी
रीठी/कटनी। मारपीट और चोट के मामलों में मेडिकल लीगल केस (एमएलसी) की रिपोर्ट को लेकर रीठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि लोकेंद्र पिता उमेश पटेल चोटिल व्यक्ति के एक्स-रे परीक्षण के बाद रिपोर्ट में कथित तौर पर ऐसी हेराफेरी की जाती है, जिससे मामले की गंभीरता कम हो जाए। इस पूरे मामले से जुड़ा एक ऑडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था और पुलिसिया कार्रवाई के बीच कथित मिलीभगत के सवाल उठने लगे हैं।
ऑडियो में कथित रूप से एक्स-रे करने वाले कर्मचारी की आवाज बताई जा रही है। बातचीत में कर्मचारी यह कहते सुनाई देता है कि यदि एक्स-रे सही तरीके से किया जाता तो आरोपी जेल चला जाता, इसलिए पुलिस के अनुसार रिपोर्ट तैयार की गई। यदि ऑडियो की आवाज और उसमें कही गई बातों की पुष्टि होती है, तो यह मामला केवल एक मेडिकल रिपोर्ट की गलती नहीं, बल्कि एमएलसी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़ा कर सकता है।
किसके इशारे पर बदली रिपोर्ट?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि रिपोर्ट वास्तव में पुलिस के कथित निर्देश के मुताबिक तैयार की गई, तो मेडिकल प्रक्रिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता कहां रह गई? क्या किसी घायल व्यक्ति की चोट का मेडिकल आकलन पुलिस की सुविधा के अनुसार किया जा सकता है? और यदि ऐसा हुआ है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी तय होगी?
एक्स-रे कर्मचारी की भूमिका पर भी सवाल
मामले में एक्स-रे करने वाले कर्मचारी की भूमिका जांच के दायरे में आना जरूरी है। यदि ऑडियो में कही गई बातें प्रमाणित होती हैं, तो यह पता लगाया जाना चाहिए कि संबंधित एमएलसी में वास्तविक एक्स-रे निष्कर्ष क्या थे, रिपोर्ट में क्या दर्ज किया गया और उसमें किसी स्तर पर बदलाव या दबाव तो नहीं डाला गया।
जांच हुई तो खुल सकता है बड़ा खेल
मामले की निष्पक्ष जांच के लिए संबंधित एमएलसी, एक्स-रे फिल्म/डिजिटल रिकॉर्ड, रिपोर्ट तैयार करने वाले कर्मचारी, चिकित्सक तथा संबंधित पुलिसकर्मियों के बयान लिए जाने की जरूरत है। साथ ही ऑडियो की तकनीकी जांच कर उसकी प्रमाणिकता भी तय की जानी चाहिए।
अब सवाल यह है कि अगर एक ऑडियो में मेडिकल रिपोर्ट को लेकर इस तरह की बातचीत सामने आ रही है, तो रीठी स्वास्थ्य केंद्र में तैयार होने वाली अन्य एमएलसी रिपोर्टों की निष्पक्षता की जांच कौन करेगा? क्या स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन इस मामले की स्वतंत्र जांच कर दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई करेगा, या फिर मामला जांच की फाइलों में दबकर रह जाएगा?

Leave a Comment

Will the middle class get relief from the first general budget of Modi 3.0?

अनादि निधन पर्यूषण महापर्व दस लक्षण धर्मोंकी आराधना पूजन कल से शुरू आत्म शुद्धि और साधना के लिए दस दिनों तक बृत उपवास साधना करेंगे जैन धर्म अनुयाई पवई में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ त्याग तपस्या साधना हेतु तैयारियां जारी

अनादि निधन पर्यूषण महापर्व दस लक्षण धर्मोंकी आराधना पूजन कल से शुरू आत्म शुद्धि और साधना के लिए दस दिनों तक बृत उपवास साधना करेंगे जैन धर्म अनुयाई पवई में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ त्याग तपस्या साधना हेतु तैयारियां जारी