फोर्ब्स इंडिया में छाए कटनी के युवा उद्योगपति यश पाठक और आतिशा पाठक
125 वर्ष पुरानी व्यावसायिक विरासत को आधुनिक सोच, तकनीक और नई पीढ़ी के नेतृत्व से मिली नई उड़ान
कटनी। कटनी और पूरे महाकौशल क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है कि प्रतिष्ठित बिजनेस मैगजीन फोर्ब्स इंडिया (Forbes India) में सायना ग्रुप इंडिया के दो युवा व्यक्तित्व Vice Chairman यश पाठक और Vice Chairperson आतिशा पाठक के लेख प्रकाशित हुए हैं। इन लेखों में व्यापार, नेतृत्व, तकनीक, सस्टेनेबिलिटी, बदलते बाजार और भविष्य की चुनौतियों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार साझा किए गए हैं।
फोर्ब्स इंडिया जैसे प्रतिष्ठित मंच पर दोनों युवा उद्योगपतियों की उपस्थिति न केवल पाठक परिवार और सायना ग्रुप के लिए उपलब्धि है, बल्कि कटनी सहित पूरे महाकौशल के लिए भी गर्व का विषय है। उनके लेखों में व्यावसायिक सफलता के साथ-साथ बदलते दौर में पारिवारिक विरासत को नई दिशा देने की सोच स्पष्ट दिखाई देती है।
125 साल पुरानी विरासत, नई पीढ़ी की नई सोच
पाठक परिवार की लगभग 125 वर्ष पुरानी व्यावसायिक यात्रा कटनी को कर्मभूमि बनाकर पं. श्री सी.एल. पाठक से प्रारंभ हुई। इसके बाद पं. श्री विशंभर प्रसाद पाठक, पं. श्री सत्येन्द्र पाठक और श्री संजय सत्येन्द्र पाठक के नेतृत्व में यह विरासत निरंतर आगे बढ़ती रही।
अब इसी विरासत को युवा पीढ़ी के यश पाठक और आतिशा पाठक आधुनिक सोच, तकनीक और पेशेवर प्रबंधन के साथ नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं।
विरासत को संभालने के साथ भविष्य के लिए तैयार करने की सोच
यश पाठक के लेख में यह विचार प्रमुखता से सामने आता है कि विरासत किसी भी संस्थान की बड़ी ताकत होती है, लेकिन बदलते समय में सफलता के लिए केवल अतीत पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। परंपरागत मूल्यों और अपनी जड़ों को सुरक्षित रखते हुए नई तकनीक, बदलते बाजार और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप आगे बढ़ना ही आधुनिक नेतृत्व की पहचान है।
वहीं आतिशा पाठक का लेख पारिवारिक व्यवसाय में नई पीढ़ी की भूमिका और बदलती परिस्थितियों के अनुरूप संस्थान को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की सोच को सामने रखता है।
दोनों लेख मिलकर यह संदेश देते हैं कि Gen Z के सामने पारिवारिक व्यवसाय को आगे बढ़ाने की चुनौती केवल कारोबार संभालने की नहीं, बल्कि विरासत और आधुनिकता के बीच बेहतर संतुलन स्थापित करने की भी है।
फोर्ब्स इंडिया में यश पाठक और आतिशा पाठक के विचारों को स्थान मिलना इस बात का प्रमाण है कि कटनी की धरती से विकसित हुई व्यावसायिक विरासत अब राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित बिजनेस मंच पर अपनी पहचान बना रही है। यह उपलब्धि पाठक परिवार के साथ-साथ कटनी और पूरे महाकौशल क्षेत्र के लिए भी गौरव का क्षण है।

