जबलपुर से कटनी-सतना तक ट्रेनों में खाने का कथित अवैध खेल! विनायक, रियाज रेस्टोरेंट, पंजाबी ढाबा और पंजाबी रेस्टोरेंट के नाम चर्चा में
स्लीपर से AC कोच तक पर्चे डालकर खाने की सप्लाई के आरोप, बासी भोजन को लेकर भी सवाल; RPF-GRP और रेलवे प्रशासन से जांच की मांग
जबलपुर/कटनी/सतना। जबलपुर से कटनी होते हुए सतना तक ट्रेनों में कथित अवैध खानपान सप्लाई का मामला चर्चा में है। आरोप है कि ट्रेनों के स्लीपर कोच से लेकर AC कोच तक यात्रियों के बीच पर्चे डलवाकर खाने के ऑर्डर लिए जाते हैं और वेंडरों के माध्यम से भोजन की सप्लाई कराई जाती है। इस मामले में विनायक नामक व्यक्ति के साथ रियाज रेस्टोरेंट, पंजाबी ढाबा और पंजाबी रेस्टोरेंट के नाम भी सामने रखे जा रहे हैं। हालांकि, इनकी कथित भूमिका की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
पर्चे डालकर ऑर्डर लेने के आरोप
आरोपों के मुताबिक, जबलपुर रेलवे स्टेशन से सतना तक चलने वाली ट्रेनों में पर्चों के जरिए यात्रियों से खाने के ऑर्डर लिए जाते हैं। स्लीपर और AC कोचों में इस तरह की गतिविधियां होने के दावों ने रेलवे की अधिकृत खानपान व्यवस्था और निगरानी पर सवाल खड़े किए हैं। यह जांच का विषय है कि संबंधित लोगों और प्रतिष्ठानों के पास रेलवे के नियमों के अनुसार भोजन सप्लाई करने की वैध अनुमति है या नहीं।
बासी भोजन की शिकायतों से यात्रियों की सेहत पर चिंता
मामले में एक दिन पहले के बचे हुए भोजन को दोबारा गर्म करके यात्रियों को परोसने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। यदि ऐसा पाया जाता है, तो यह यात्रियों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर मामला होगा। रेलवे प्रशासन को भोजन की गुणवत्ता, उसकी ताजगी और सप्लाई के स्रोत की जांच करनी चाहिए।
RPF-GRP की भूमिका की भी हो जांच
कथित खानपान कारोबार को लेकर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, किसी अधिकारी या कर्मचारी की मिलीभगत अथवा अवैध लेन-देन की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर तथ्यों के आधार पर जिम्मेदारी तय करना जरूरी है।
रेलवे प्रशासन कब लेगा संज्ञान?
जबलपुर, कटनी और सतना रेलखंड में कथित अवैध खानपान सप्लाई की जांच कर संबंधित व्यक्तियों, प्रतिष्ठानों और वेंडरों की अनुमति तथा गतिविधियों का सत्यापन किया जाना चाहिए। यदि नियमों का उल्लंघन या भोजन की गुणवत्ता में लापरवाही सामने आती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
अब सवाल यह है कि रेलवे के जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में कब जांच शुरू करेंगे? यात्रियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना रेलवे की प्राथमिक जिम्मेदारी है। आरोपों की सच्चाई सामने लाकर आवश्यक कार्रवाई करना बेहद जरूरी है।

