सुदामा चरित और परीक्षित मोक्ष प्रसंग के साथ सब जेल पवई में श्रीमद्भागवत कथा का भक्तिमय समापन
पन्ना, मध्य प्रदेश। सब जेल पवई में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का सप्तम एवं अंतिम दिवस श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण के बीच संपन्न हुआ। कथा के समापन अवसर पर कथा व्यास डॉ. रजनीश शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की अमर मित्रता, सुदामा चरित तथा राजा परीक्षित के मोक्ष का भावपूर्ण वर्णन कर उपस्थित श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।
कथा व्यास ने सुदामा चरित के माध्यम से निष्काम प्रेम, सच्ची मित्रता, विनम्रता और भगवान के प्रति पूर्ण समर्पण का संदेश दिया। वहीं राजा परीक्षित के मोक्ष प्रसंग के माध्यम से जीवन की नश्वरता, सत्कर्मों के महत्व और ईश्वर-स्मरण की महत्ता पर प्रकाश डाला। कथा के दौरान पूरा जेल परिसर भक्तिमय माहौल से सराबोर रहा।
समापन अवसर पर जेलर अभिमन्यु पाण्डेय ने पवई नगर से पधारे गणमान्य नागरिकों, सम्मानित अतिथियों, जेल स्टाफ, संगीत मंडली तथा सभी बंदी भाइयों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सात दिनों तक चले इस आध्यात्मिक आयोजन ने जेल परिसर में सकारात्मक सोच, नैतिक मूल्यों और भक्तिभाव का वातावरण निर्मित किया है।
उन्होंने कहा कि कथा का समापन भले ही आज हो रहा हो, लेकिन कथा से प्राप्त संस्कार, सद्विचार और भगवान के प्रति श्रद्धा जीवनभर मार्गदर्शन करती रहेगी। अंत में जेल प्रशासन की ओर से कथा व्यास, अतिथियों, सहयोगियों, स्टाफ एवं बंदियों को आयोजन की सफलता में योगदान के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
यह आयोजन न केवल आध्यात्मिक चेतना का माध्यम बना, बल्कि बंदियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन और नैतिक जागरूकता का संदेश भी दे गया।

