सब जेल पवई में गूंजा श्रीमद्भागवत कथा का अमृत संदेश, द्वितीय दिवस आत्मदेव के कष्ट और धुंधकारी के उद्धार की कथा
पवई, पन्ना। सब जेल पवई में जेल प्रशासन द्वारा आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के द्वितीय दिवस कथा व्यास डॉ. रजनीश शास्त्री जी ने आत्मदेव के कष्ट और धुंधकारी के उद्धार का भावपूर्ण वर्णन किया।
कथा के माध्यम से उन्होंने कर्म, कुसंगति, सत्संग, भक्ति और आत्मचिंतन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मनुष्य अपने विचारों और आचरण में सकारात्मक बदलाव लाकर जीवन को नई दिशा दे सकता है।
धुंधकारी के उद्धार का प्रसंग कथा का विशेष आकर्षण रहा। इसके माध्यम से उपस्थित लोगों को आत्मबोध, सुधार और सद्मार्ग पर लौटने की प्रेरणा दी गई। कथा के दौरान आध्यात्मिक वातावरण बना रहा और बंदियों सहित उपस्थित श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ कथा का श्रवण किया।
कार्यक्रम का आयोजन जेल प्रशासन, सब जेल पवई द्वारा किया जा रहा है। कथा के माध्यम से बंदियों में सकारात्मक सोच, आत्मचिंतन और जीवन में सुधार की भावना विकसित करने का संदेश दिया जा रहा है।

