Home » पन्ना » नेटवर्क विहीन कैमुरिया स्कूल में दो महीने से वेतन अटका, शिक्षक और अतिथि शिक्षक परेशान—बिना लिखित आदेश वेतन रोकने पर उठे सवाल

नेटवर्क विहीन कैमुरिया स्कूल में दो महीने से वेतन अटका, शिक्षक और अतिथि शिक्षक परेशान—बिना लिखित आदेश वेतन रोकने पर उठे सवाल

News Portal Development Companies In India

नेटवर्क विहीन कैमुरिया स्कूल में दो महीने से वेतन अटका, शिक्षक और अतिथि शिक्षक परेशान—बिना लिखित आदेश वेतन रोकने पर उठे सवाल

पवई, मध्य प्रदेश। पवई विकासखंड के सड़क विहीन और नेटवर्क की समस्या से जूझ रहे पहाड़ी आदिवासी ग्राम कैमुरिया की शासकीय माध्यमिक शाला में पदस्थ शिक्षकों एवं अतिथि शिक्षकों का जुलाई और अगस्त माह का वेतन/मानदेय नहीं मिलने का मामला सामने आया है। सितंबर माह भी समाप्ति की ओर है, ऐसे में दो महीने से भुगतान नहीं होने के कारण शिक्षक और अतिथि शिक्षक आर्थिक एवं मानसिक परेशानी से गुजरने का दावा कर रहे हैं।

जानकारी के अनुसार विद्यालय में तीन अतिथि शिक्षक और दो नियमित शिक्षक पदस्थ हैं। एक नियमित शिक्षक मेडिकल अवकाश पर हैं, जबकि अन्य शिक्षक एवं अतिथि शिक्षक नियमित रूप से विद्यालय पहुंचकर अध्यापन कार्य कर रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि विद्यालय क्षेत्र में नेटवर्क नहीं होने या बेहद कमजोर नेटवर्क के कारण ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं हो पा रही है। इसके बावजूद शिक्षक उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर कर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

नेटवर्क नहीं तो ई-अटेंडेंस कैसे?

शाला प्रभारी के अनुसार 9 सितंबर को एईओ रामचरण गुप्ता और बीईओ हुकुम सिंह यादव ने विद्यालय का निरीक्षण किया था। इस दौरान विद्यालय में नेटवर्क आंशिक रूप से मिलने की बात सामने आने का दावा किया गया। शिक्षकों को नेटवर्क उपलब्ध होने पर ई-अटेंडेंस लगाने के निर्देश दिए गए।

वहीं अतिथि शिक्षकों का आरोप है कि उन्हें अनिवार्य रूप से ई-अटेंडेंस लगाने और ऐसा नहीं करने पर भुगतान नहीं होने की बात कही जा रही है। उनका सवाल है कि जब विद्यालय परिसर में नियमित रूप से नेटवर्क उपलब्ध नहीं है, तो अतिथि शिक्षक लगातार ई-अटेंडेंस कैसे दर्ज करें?

पिछले साल लोकेशन बदलकर लगती थी अटेंडेंस

शिक्षकों के मुताबिक पिछले वर्ष अतिथि शिक्षक ‘हमारे शिक्षक ऐप’ में लोकेशन परिवर्तन के विकल्प के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज कर रहे थे और नियमित रूप से कार्य कर रहे थे। लेकिन इस वर्ष जुलाई से लोकेशन लॉक होने के कारण ई-अटेंडेंस दर्ज करने में परेशानी आ रही है।

शिक्षकों का आरोप है कि जुलाई माह से ही एईओ और बीईओ को नेटवर्क एवं भुगतान संबंधी समस्याओं के संबंध में कई बार आवेदन दिए गए, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। उनका यह भी आरोप है कि दिए गए आवेदनों को जिला स्तर पर भेजे जाने को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।

‘मार्गदर्शन लिया जा रहा है’—दो महीने से इंतजार

शिक्षकों का कहना है कि वेतन/मानदेय के संबंध में बीईओ कार्यालय से संपर्क करने पर उन्हें ‘मार्गदर्शन लिया जा रहा है’ कहकर जवाब दिया जाता है। शिक्षकों का सवाल है कि यदि वे नियमित रूप से स्कूल पहुंचकर अध्यापन कार्य कर रहे हैं और उपस्थिति पंजिका में उनकी उपस्थिति दर्ज है, तो केवल नेटवर्क की तकनीकी समस्या के चलते उनका भुगतान क्यों रोका गया?

उठे कई सवाल

मामले में अब कई सवाल खड़े हो रहे हैं—

  • जब शिक्षक विद्यालय में उपस्थित होकर अध्यापन कर रहे हैं, तो बिना किसी लिखित आदेश के वेतन/मानदेय रोकने का आधार क्या है?
  • नेटवर्क विहीन क्षेत्र में ई-अटेंडेंस की व्यवस्था सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी किसकी है?
  • जुलाई से दिए गए आवेदनों पर अब तक क्या कार्रवाई हुई?
  • जुलाई और अगस्त के लंबित भुगतान का जिम्मेदार कौन होगा?
  • अतिथि शिक्षकों और नियमित शिक्षकों के लिए ई-अटेंडेंस को लेकर अलग-अलग व्यवस्था क्यों बताई जा रही है?

शिक्षकों एवं अतिथि शिक्षकों ने संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच कर लंबित वेतन एवं मानदेय का शीघ्र भुगतान कराने तथा नेटवर्क समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है। अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है और दो महीने से लंबित भुगतान को लेकर जिम्मेदारी तय होती है या नहीं।

Leave a Comment

Will the middle class get relief from the first general budget of Modi 3.0?